राजकोट : भारत के स्टार बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा दूसरी पारी में भी नाकाम रहे लेकिन कप्तान जयदेव उनादकट की अगुवाई में निचले मध्यक्रम के चार बल्लेबाजों के अर्धशतकों की मदद से सौराष्ट्र खराब शुरुआत से उबरकर शेष भारत के खिलाफ ईरानी ट्रॉफी क्रिकेट मैच के तीसरे दिन सोमवार को यहां वापसी करने में सफल रहा।

सौराष्ट्र का स्कोर एक समय पांच विकेट पर 87 रन था और उस पर पारी की हार का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन शेल्डन जैकसन (71), अर्पित वासवदा (55), प्रेरक मांकड़ (72) और उनादकट (नाबाद 78) के अर्धशतकों की मदद से उसने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक आठ विकेट पर 368 रन बनाकर 92 रन की बढ़त हासिल कर ली।

सौराष्ट्र की टीम पहली पारी में केवल 98 रन पर सिमट गई थी जिसके जवाब में शेष भारत ने 374 रन बनाकर 276 रन की मजबूत बढ़त हासिल की थी।

सौराष्ट्र ने सुबह अपनी दूसरी पारी दो विकेट पर 49 रन से आगे बढाई लेकिन उसने जल्द ही तीन विकेट गंवा दिए। तेज गेंदबाज कुलदीप सेन (85 रन देकर तीन विकेट) ने दिन के दूसरे ओवर में ही चिराग जानी (छह) को बोल्ड किया और फिर अपने अगले ओवर में पुजारा को विकेटकीपर केएस भरत के हाथों कैच कराकर सौराष्ट्र को बड़ा झटका दिया।

काउंटी क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले पुजारा पहली पारी में भी केवल एक रन ही बना पाए थे। सेन ने अपनी तीखी गेंदबाजी जारी रखी और नाइटवॉचमैन धर्मेंद्र सिंह जडेजा (25) को भी पवेलियन भेजा।

जैकसन और वासवदा ने छठे विकेट के लिए 117 रन जोड़कर टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। तेज गेंदबाज मुकेश कुमार (49 रन देकर एक विकेट) ने जैकसन को आउट करके यह साझेदारी तोड़ी जिसके बाद वासवदा भी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए। उन्हें बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार (80 रन देकर तीन विकेट) ने पगबाधा आउट किया।

ऐसे में उनादकट ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और मांकड़ के साथ आठवें विकेट के लिए 144 रन जोड़कर सौराष्ट्र को बढ़त दिलाई। स्पिनर जयंत यादव (72 रन देकर एक विकेट) ने मांकड़ को आउट करके इस साझेदारी का अंत किया। दिन का खेल समाप्त होने के समय उनादकट के साथ पार्थ भुट छह रन पर खेल रहे थे।