बीजिंग : अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के ताइपे दौरे से भड़के चीन ने अपनी ताकत दिखाने के लिए ताइवान जलडमरूमध्य में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास में विमानवाहक पोत और परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बी तैनात की है।

पेलोसी की ताइवान यात्रा पर चीन ने सख्त आपत्ति जताई थी क्योंकि वह ताइवान को अपने देश का हिस्सा मानता है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की नौसेना अनुसंधान अकादमी के एक वरिष्ठ शोध फैलो झांग जुंशे ने सरकार के नियंत्रण वाले अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ को बताया कि बृहस्पतिवार से रविवार तक ताइवान के आसपास अभ्यास में उसका पहला विमान वाहक पोत हिस्सा लेगा, जो एक समुद्री बहुआयामी युद्ध प्रणाली स्थापित करेगा।

पेलोसी के दौरे के एक दिन बाद चार दिवसीय सैन्य अभ्यास किया जा रहा है। झांग ने कहा, ‘‘आम तौर पर, परमाणु चालित पनडुब्बी अपने मिशन में एक विमानवाहक समूह के साथ जाती है।’’ विशेषज्ञ ने अखबार को पुष्टि की कि परमाणु ऊर्जा चालित कम से कम एक पनडुब्बी को तैनात किया गया है। झांग ने कहा कि अभ्यास का आयोजन पीएलए पूर्वी थियेटर कमान कर रही है, जबकि अन्य थिएटर कमान के सुरक्षा बल भी अभ्यास में भाग लेंगे। झांग ने यह नहीं बताया कि अभ्यास में कौन सा विमानवाहक पोत हिस्सा ले रहा है।

इस बीच, ताइवान चीन के ड्रोन से निपटने की तैयारी कर रहा है। हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के मुताबिक सैन्य पर्यवेक्षकों ने कहा है कि पेलोसी की यात्रा के कारण बढ़े तनाव के बीच ड्रोन को गिराने की कोशिश से बीजिंग के साथ टकराव का खतरा बढ़ गया है। दूसरी तरफ यह भी माना जा रहा है कि ड्रोन के जरिए ताइवान की सैन्य ताकत और तैयारियों के बारे में खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है।

ताइपे से पेलोसी के दक्षिण कोरिया रवाना होने के बाद बुधवार रात क्यूमोव या किनमेन में पीएलए के ड्रोन उड़ते नजर आए। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि क्यूमोव में सैनिकों ने ड्रोन को क्षेत्र से हटने के लिए चेतावनी के मद्देनजर हवा में आग के गोले भी दागे।