नयी दिल्ली : बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को निवेशकों के लिये बिक्री सौदों को लेकर अपने डीमैट खातों में प्रतिभूतियां रोकने यानी ‘ब्लॉक’ करने की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया।

फिलहाल निवेशकों के लिये यह सुविधा वैकल्पिक है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि बिक्री सौदा करने वाले निवेशकों के डीमैट खातों (प्रतिभूतियों और शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से रखने का खाता) में ‘ब्लॉक’ व्यवस्था 14 नवंबर से अनिवार्य हो जाएगी।

इस व्यवस्था के तहत बिक्री सौदा करने को इच्छुक निवेशकों के शेयरों को संबंधित समाशोधन निगम के पक्ष में उसके डीमैट खाते में अवरुद्ध कर दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नियामक ने जुलाई में ‘ब्लॉक’ व्यवस्था लाने का निर्णय किया था। इसके तहत एक अगस्त से निवेशकों के पास यह विकल्प होता कि वे एक बिक्री सौदे के लिये अपने डीमैट खातों में प्रतिभूतियों को रोक सकते हैं।

निवेशकों के लिये प्रारंभिक भुगतान पद्धति का विकल्प भी उपलब्ध है। इस विकल्प के तहत शेयर ग्राहक के डीमैट खाते से संबंधित समाशोधन निगम के खाते में स्थानांतरित किये जाते हैं। यदि प्रारंभिक भुगतान व्यवस्था के तहत बिक्री सौदा नहीं हो पाता है तो उन शेयरों को ग्राहक के खाते में वापस कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में समय लगता है और इसमें लागत भी जुड़ी है।

सेबी ने अब डिपॉजिटरी, समाशोधन निगम और शेयर बाजारों के साथ व्यापक परामर्श के बाद यह निर्णय किया है कि सभी शुरुआती भुगतान लेनदेन के लिये ‘ब्लॉक’ व्यवस्था की सुविधा अनिवार्य होगी।’’